उम्मीदें हमारी दिल में हर वक्त उड़ान भरती हैं ,
इनमें हर वक्त नयी महक हैं, यह कहा किसी से डरती है!
ख्वाब यहाँ परिंदे से है,पंखों में इनके सारा जहाँ
समाया हैं,
इन्हें फिक्र कहा दुनिया की इनके लिए तो हर पल
एक जुनून सा हैं !
यह आंखों में हमारी रौशनी सी लाते हैं ,
हमें ताज्जुब हैं, यह आखिर दिल में इतना शोर क्यूँ
मचाते हैं!
शायद पूरा होने की जल्दी होती हैं इनको,
लेकिन यहाँ तो कई सारी फिक्र हैं दिलको!
दिल हमारा इन ख्वाबो में ,कुछ ऐसा घुल मिल गया हैं
निंद हैं उडी उडी सी ,चैन खो गया हैं!
कारवाँ मंजिलो का ख्वाबो की सड़कों पर रफ्तार में चल रहा हैं,
सोच हमारी इस तरह ठहरी हैं जैसे ख्वाबो की आजादी का दिल अंदर ही अंदर जश्न मना रहा हैं .
खयाल भी अब हमें कुछ बड़े बड़े से आते हैं,
कर दिखाने का जज्बा मानो इनकी रग रग में होता हैं .
खुद हैरान हूँ,
अब सोचता हूँ, क्यूँ बांधे रखू इन ख्वाबो को
इनको तो छूना हैं तेजी से ऊंचे आसमान को .
कहते हैं लोग ख्वाब कहा पूरे होते है?
मेरे खयाल से,
हम इन्हे पूरा होने के लिए कहा देखते हैं?
भाई हम तो इन्हे सुकून से जीना चाहते हैं!
इसिलिए तो लगता हैं,
दिलों दिमाग पर छाया कैसा यह असर हैं
सपनों ने पूरा होने की न छोड़ी कसर हैं!
खुश हैं हर एक रोम रोम और हर एक कतरा-कतरा
ख्वाब ख्वहिशो मे बदले हैं इस तरह की
जिंदगी भी कह रही है ,
चलो चहकने दो ख्वाबों को जरा.
-कुणाल विजय ठाकरे.